शायरी - अपने हाथों से जहर पिला दो मुझे
1.) इश्क़ करू या ना करू,ये बता दो मुझे,
अपनी मोहब्बत में ऐसी ना सजा दो मुझे,
अगर मेरी मोहब्बत पर तुम्हें यकीन ना हो..
तो बेसक अपने हाथों से जहर पिला दो मुझे|
अपनी मोहब्बत में ऐसी ना सजा दो मुझे,
अगर मेरी मोहब्बत पर तुम्हें यकीन ना हो..
तो बेसक अपने हाथों से जहर पिला दो मुझे|
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